ड्रोन कैमरा क्या है और कैसे बनाते है

यह एक robot ही है जिसे की इंसानों द्वारा control किया जा सकता है। लेकिन ये एक flying robot होता है। इसे इंसानों ने अपने काम को आसान करने के लिए तैयार किया है। ये drones वैसे तो बहुत से कार्य कर सकते हैं लेकिन ड्रोन को बनाने का मुख्य मकसद, उन कामों को आसान बनाना है जो इंसानों के लिए जोखिम भरे होते हैं. 

आज ड्रोन का इस्तेमाल बहुत सारे कार्यों के लिए किया जाता है. अगर आप ड्रोन की तकनीक और काम करने के तरीको को अच्छे से समझना चाहते हैं तो इस article को पूरा पढ़ें.

ड्रोन क्या है – What is Drone in Hindi

ड्रोन मानव द्वारा बनाई गई तकनीक है जिसे हवा में उड़ने वाला यंत्र भी कहा जाता है। जो बिना किसी पायलट के उड़ता है। ये मोबाइल, कंप्यूटर या फिर इसके रिमोट से नियंत्रित किया जा सकता है। यह ऐसी परिस्थिति में काम आते है जहाँ इंसानों के लिए जाना संभव नहीं होता है। यह लंबे समय तक निगरानी रखने में भी सक्षम होते है। ड्रोन का इस्तेमाल अधिकतर तौर पर सैन्य संबंधित कार्यों के लिए किया जाता है. क्योंकि इनके मानवरहित होने की वजह से युद्ध में pilot की जान जाने का खतरा नहीं रहता.अब तो ड्रोन का इस्तेमाल civilian भूमिकाओं में भी किया जाने लगा है, जैसे दुर्गम स्थानों में फंसे लोगों के search और rescue के लिए साथ ही ये तब तक लगातार उड़ान भर सकते हैं जब तक इनमें इस्तेमाल होने वाला battery discharge न हो जाये

इन ड्रोनों को औपचारिक तौर पर Unmanned Aerial Vehicles (UAVs) या Unmanned Aircraft Systems (UASs) के नाम से जाना जाता है. ड्रोन वे flying robots होते हैं जिन्हें remote के जरिए control किया जाता है या अपने आप software controlled flight plans, जो कि इसमें लगे sensors और GPS के सहयोग से काम करने वाला embedded system होता है

Quadcopter क्या है?

यह एक प्रकार का drone होता है जिसे की lift और propel करने में चार rotors का इस्तमाल किया जाता है। quadcopter को पहले भी experiment किया जा चूका है सन 1920 में, लेकिन technology के अभाव से इसकी effectiveness को भारी नुकशान सहना पड़ा। लेकिन electronic technology के advancement से जैसे की sensors, batteries, cameras और GPS systems, ये quadcopters को अब बहुत ज्यादा इस्तमाल में लाया जा रहा है।

ड्रोन का आविष्कारक कौन था?

निकोला टेस्ला (Nikola Tesla) को ड्रोन का आविष्कारक माना जाता है इन्होंने 1915 में एक ऐसा लड़ाकू ड्रोन बनाया था जिसको हम एक जगह से कन्ट्रोल कर सकते थे और दुश्मनो पर हमला कर सकते थे।

ड्रोन के प्रकार (Types of Drone in Hindi)

Drones के वैसे तो बहुत सारे प्रकार होते है लेकिन इन्हें मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा जाता है।

  1. Rotary Drone
  2. Fixed Wing Drone

Rotary Drone

इन rotory drones में भी अलग अलग प्रकार हैं।

(1). Single Rotor

इसमें केवल एक single rotor होता है। और पीछे में एक tail rotor होता है जो की इसे control और stability प्रदान करता है।

(2). Tricopter

इसमें तीन अलग अलग प्रकार के powerful motors होते हैं, तीन controllers होते हैं, चार gyros और एक servo motor होता है।

(3). Quadcopter

इसमें चार rotor blades का इस्तमाल किया जाता है। इसमें brushless type DC motors का इस्तमाल होता है। इसमें दो motors clockwise घूमते हैं तो वहीँ दो motors anti-clockwise घूमते हैं। इसमें Lithium Polymer Batteries का इस्तमाल होता है।

(4).Hexacopter

इनमें 6 rotor blades का इस्तमाल किया जाता है। जिसमें 3 motors clockwise घूमते हैं तो वहीँ 3 motors anti-clockwise घूमते हैं। इनकी landing सबसे safe होती है।

(5). Octacopter

इसमें 8 motors के साथ 8 functional propellers का इस्तमाल होता है। इसकी naturally ही high flying capability होती है, वहीँ इसकी stabilty सबसे बेहतर होती है।

Fixed Wing Drone

ये पूरी तरह से एक अलग ही प्रकार की ड्रोन होती है। इनकी डिज़ाइन भी multi-rotor designs से काफी अलग होती है। इसमें आप एक traditional places के तरह से wings देख सकते हैं। वहीँ ये ज्यादा stable नहीं होते हैं हवा में और साथ में इनकी movement पर gravitational force का ज्यादा असर पड़ता दिखयी पड़ता है। वहीँ ये quadcopters की तुलना में ज्यादा weight नहीं उठा सकते हैं।

ड्रोन के फायदा क्या हैं?

  • बहुत से Search और rescue operations में अपना कार्य करना
  • Traffic monitoring करने के लिए
  • Hazardous Sites को explore करने में
  • Military surveillance करने के लिए
  • मौसम के mapping करने के लिए
  • यहाँ तक की Drone-delivery services प्रदान करने के लिए
  • Sport – drone racing करने के लिए

ड्रोन को ज्यादा समय तक हवा में कैसे रखें?

क्या आप जानते है की आप अपने drone का flight time कैसे बढ़ा सकते है अगर नहीं तो चलिये अब जानते हैं की कैसे हम इसकी flight time को बढ़ाएंगे।

1. अगर आपका drone एक lithium-polymer battery धारण किया हुआ है, तब इसे ठन्डे वातावरण में कम ही इस्तमाल करें क्यूंकि ठण्ड से इस battery के efficiency पर negative असर पड़ता है और ये जल्द ही discharge होने लगता है।

2. वहीँ ज्यादा गरम वाले इलाके में भी इसे उड़ना नहीं चाहिए क्यूंकि वहां इसे उड़ाने से drone के motor को ज्यादा काम करना होता है drone को lift करने में। जिससे की battery charge जल्द ही खत्म हो जाएगी। इसलिए battery को पहले cool down होने के लिए छोड़ दें फिर उसे दुबारा charge करें।

3. वहीँ ज्यादा हवा चलने वाले स्थान में भी इन्हें उड़ाना नहीं चाहिए क्यूंकि इसमें drone को stabilize होने के लिए ज्यादा energy की जरुरत होती है और साथ में ये दुसरे buidings और पेड़ों से टकरा जाने का भी डर होता है।

4. Drones के लिए पानी बिलकुल भी ठीक नहीं होता है। इसलिए drones को humid climate में कभी भी न उड़ायें। इससे drones की flight time कम हो सकती है।

5. अगर आप guards का इस्तमाल कर रहे हैं तब ये उन्हें accident होने से रक्षा करेगा लेकिन ये उनकी weight को बढ़ा देता है। इसलिए जैसे जैसे आप इन्हें उड़ाने में experienced हो जाओ तब इन guards को जरुर से हटा देना न भूलें।

6. इन्हें बहुत ही कम समय high speeds में उड़ायें क्यूंकि ऐसा करने से इनकी battery जल्दी से drain होती है। वहीँ आप यदि इसे कुछ समय तक इस्तमाल नहीं करना चाहते हैं तब इसे full charge करके ही store करें वो भी एक dry और ventilated area में room temperature में।

यदि आप इन tips का पालन करें तब आप अपने drone की flight time को बढ़ा सकते हैं, साथ में इसे damage होने से भी रक्षा कर सकते हैं।

ड्रोन कैसे बनाते हैं?

ड्रोन बनाने के लिए जिस सामान की आवश्यकता होती है वो कुछ इस प्रकार है:

Chassis – यह ड्रोन का ढांचा होता है, जिसमे सभी components को fix किया जाता है. इन chassis को बनाते समय इनकी strength और additional weight (camera या कुछ सामान उठाने के लिए) को ध्यान में रखा जाता है. क्योंकि weight उठान की क्षमता के आधार पर ही propeller और motor का size निर्धारित किया जाता है.

Propellers – इनका सीधा प्रभाव quadcopter के load उठाने की क्षमता पर पड़ता है. साथ ही ये ड्रोन के उड़ने की speed और चारों तरफ चलने की speed पर effect डालते हैं.

Propellers जितने ज्यादा लंबे होंगे उतना अधिक lift पैदा करेंगे, वो भी कम speed पर. लेकिन इनकी speed बढ़ाने या घटाने में समय अधिक लगता है.

वहीँ दूसरी तरफ छोटे size के propeller आसानी से अपनी speed कम ज्यादा कर सकते हैं. साथ ही ये अधिक manoeuvrable होते हैं. लेकिन इन्हें longer blades के बराबर power पाने के लिए अधिक rotational speed की आवश्यकता होती है. इससे motor पर अधिक दबाव पड़ता है जिससे उनका जीवनकाल कम हो जाता है.

Motors – प्रत्येक propeller के साथ एक motor लगा होता है. इस motor की rating ‘Kv’ units में मापी जाती है. यानी की जब motor पर कोई load नहीं होता तब एक volt की voltage supply करने पर यह कितने number of revolution प्रति मिनट achieve करता है.

Motor को अधिक speed से spin कराने पर यह lift तो अधिक पैदा करता है, लेकिन इसे battery से उतनी ही अधिक power की जरूरत भी पड़ती है. ऐसे में ड्रोन के flying time में कमी आ सकती है.

Electronic Speed Controller (ESC) – सही spin speed और direction प्रदान करने के लिए, यह ड्रोन की प्रत्येक motor को controlled current supply करता है.

Radio Receiver – इसका काम pilot द्वारा भेजे गए control signals को receive करने का होता है.

Flight Controller – यह एक तरह का onboard computer होता है, जो pilot द्वारा भेजे गए signals को interpret करता है और फिर corresponding inputs को ESC में भेजता है. जिससे quadcopter या ड्रोन control किया जाता है.

Battery – इसमें सामान्य तौर पर lithium polymer batteries का इस्तेमाल किया जाता है. इनसे flying time अधिक मिलता है और recharge भी जल्द हो जाती हैं.

Camera – इसे ड्रोन के उपर mount किया जाता है. यह navigation में मदद करता है और साथ ही इसे aerial photography के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

इनके अलावा कुछ additional sensors का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे कि gyroscope और accelerometer, वहीं positional measurment के लिए GPS और Barometer इत्यादि.

भारत में ड्रोन बनाने वाली कंपनी कौन-कौन सी है?

वैसे तो भारत में ड्रोन बनाने वाली कई कंपनिया मौजूद हैं, लेकिन मै आपके साथ कुछ मुख्य कंपनियों के नाम शेयर करूंगा जो भारत में ड्रोन manufacture करती हैं.

  • Aarav Unmanned Systems
  • Cron Systems
  • Detect Technologies
  • AerialPhoto (Envent digital Technologies)
  • Drone Tech Lab
  • Indrones Solutions
  • IdeaForge
  • Aero360

Conclusion

तो दोस्तों इस तरह आप ड्रोन बना सकते है और बहुत अच्छी फोटोज और वीडियोस बना सकते है और वे सभी काम कर सकते है जो इंसानों के लिए करना संभव नहीं है। तो उम्मीद करते है कि आपको ड्रोन क्या है कैसे बनाएं ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे। और ऐसी ही शानदार सी पोस्ट पाने के लिए जिससे आपको कुछ नया जानने और सीखने को मिले इसके लिए जुड़े रहे हमारे साथ

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