Tally क्या है और कैसे सीखे?

दोस्तों क्या आप जानते हैं की Tally क्या है? अगर आप किसी कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में गए होंगे तो टैली कंप्यूटर कोर्स का नाम जरूर सुना होगा। इसके बारे में अक्सर लोग ये सवाल पूछते हैं की Tally करने के फायदे क्या हैं?

जो टैली कोर्स को ऑफर करते है वही बहुतों के मन में यह भी सवाल आता है की Tally Kaise Sikhe तो फिक्र ना करें क्यू की इस पोस्ट को पूरा पड़ने के बाद Tally Kya Hai In Hidni/Tally क्या है और Tally Ka Full Form Kya Hai आप जान जाएंगे

टैली क्या है (What is Tally in Hindi)

Tally का पूरा नाम (Transactions Allowed in a Linear Line Yards) होता है और यह एक अकॉउंटिंग बेस्ड सॉफ्टवेयर है जिसका इस्तेमाल अकाउंट से जुड़े सभी काम को करने के लिए किया जाता है। पहले एक ज़माना हुआ करता था जब लोग अपने बिज़नेस में होने वाले सभी वित्तीय लेन देंन को हाथ से लिख कर डॉक्यूमेंट और दस्तावेज में रखा करते थे। लेकिन अब वो वक़्त बीत चूका है। आज के समय में सभी प्रकार के व्यवसायों में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है

इसमें सभी प्रकार के खरीद, और पैसों की जानकारी और उसका कैलकुलेशन रखना साथ ही सभी प्रकार के पैसों से रिलेटेड चीज़ों की जानकारी कंप्यूटर और सर्वर में सेव करके रखना जैसे कि कौनसा समान कब और कितने में ख़रीदा गया है।

अगर सिंपल भाषा में समझे तो tally का स्तेमाल कंप्यूटर में अकाउंटिंग से जुड़े कार्य के लिए किया जाता है जो एक छोटे से शॉपिंग मॉल से लेकर बड़े-बड़े कंपनी में इस सॉफ्टवेयर का स्तेमाल कीया जाता है.

Tally Full Form in Hindi

टैली का फुल फॉर्म – “ट्रांसक्शन्स एलाउड इन ए लीनियर लाइन यार्ड्स ( Transactions Allowed in a Linear Line Yards) होता है”। यह एक सॉफ्टवेयर है, जो अकाउंटिंग के लिए उपयोग किया जाता है, इसके साथ ही आप इसमें GST Return भी भेज सकते हैं।

टैली कोर्स करने के फायदे

इसके कई फायदे हैं। जो कुछ इस प्रकार लाभ हैं:

  • आपको Accounting करने और Data को सुरक्षित रखने मे आसानी रहती है।
  • आप Data को समय के अनुसार Update भी कर सकते है।
  • एक ही Software में कई प्रकार के data को आसानी से रखा और Manage किया जा सकता है जिससे कि काम करना आसान हो जाता है।
  • आपको एक अच्छी Account Management की Job मिल जाती है जिसमे की आपको अच्छी Salary भी मिलती है।
  • इसको सीखने के बाद आप चाहे तो Multinational Company में भी Apply कर सकते है।
  • Tally के द्वारा आप GST भी Return File कर सकते है।
  • अगर आप Business करते है और आप Tally सीखते है तो आप अपने Financial Data को आसानी से Read कर सकते है।
  • Tally को अच्छे से सीखने के बाद आप चाहे तो दुसरो को भी Tally की Coaching दे सकते है।
  • अगर आप FULL TIME JOB नही करना चाहते है तो आप Part time Shops का Account Maintenance का काम कर सकते है।

Tally का इतिहास – History of Tally in Hindi

Tally का निर्माण भारत के बंगलोर Based एक Company में हुआ था और इसको सबसे पहले दूसरे नाम से जाना जाता था जो कि Peutronics था।

Tally को 1986 में श्याम सूंदर गोयनका और उनके बेटे भारत गोयनका ने मिलकर बनाया था। असल मे इसके पीछे श्याम सुंदर का ही हाथ था। वह एक Company चलाया करते थे जिसमे की वो Textile Company को कच्चा माल और Machine के Parts बेचा करते थे।

ऐसे में उनको सभी प्रकार के Calculations को करने के लिए कोई बेहतरीन Software नही था जिससे कि सभी तरह की Calculation को आसानी से किया जा सके और उसे Save रखा जा सके तो उन्होंने अपने बेटे को एक ऐसा Software बनाने को कहा जिसमे की सभी प्रकार की लेन देन की जानकारी को आसानी से रखा जा सके।

इसके बाद उनके बेटे ने First Version MS DOS के रूप में बनाया जिसमे की Basic Accounting Functions को Include किया गया था।

1.सन 1988 में इसका नाम Peutronics से बदल कर Tally रख दिया गया था। 1999 में Peutronics Financial Accountant को बदल कर Tally Solutions रखा गया।

2. 2001 में Tally में और भी Advance Feature Add किये गए और Tally 6.3 को Launch किया गया जिसमें Accounting के साथ Educational उद्देश्य से उपयोग किया जा सकता था और इसमे License की भी सुविधा थी।

3. 2005 में Tally को और भी Advance किया गया और उसमे VAT के Feature को भी Add किया गया ताकि व्यापारियों के लिए TAX की Calculation करना भी आसानी हो जाये।

4. 2009 में Tally में Company ने Business Management Solution को Release किया जिससे कि बड़े Business को भी आसान हो गया अपने Business को Manage करना।

5. 2016 में Tally को GST SERVER AND TAX PAYERS के बीच मे Bridge के तौर पर GST शुभिधा प्रदान करने के लिए Tally को ही चुना गया और 2017 के Tally ने GST से Related सभी तरह के चीज़ों का Solution बना कर Software को Launch किया।

टैली का जनक कौन है?

Tally को 1986 में श्याम सुंदर गोयनका और उनके पुत्र भारत गोयनका के द्वारा स्थापपित किया गया था। दोनों ही भारत के नागरिक है

Tally Versions – टैली कितने प्रकार के होते हैं?

Tally VersionRelease Date
Tally 4.51990
Tally 5.41996
Tally 6.32001
Tally 7.22005
Tally 8.12006
Tally 92006
Tally ERP 92009
Tally Prime2020
Tally Prime 2.02022

टैली कोर्स में क्या क्या सिखाया जाता है?

Tally Course को पाँच खंडों में विभाजित किया गया है

  • Tally Basics – इस सेक्शन में अकाउंटिंग की मूल बातें शामिल हैं, जैसे डबल-एंट्री अकाउंटिंग, डेबिट और क्रेडिट और अकाउंट।
  • Accounting Software – यह खंड टैली की विभिन्न विशेषताओं पर चर्चा करता है, जैसे कि इसका इंटरफेस और रिपोर्ट।
  • Accounting Software – यह खंड छात्रों को वित्तीय विवरणों और उन्हें पढ़ने के तरीके से परिचित कराता है।
  • Business Analysis – यह खंड छात्रों को अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से समझने में मदद करने के लिए पूर्वानुमान, ब्रेक-ईवन विश्लेषण और लागत अनुमान जैसी व्यावसायिक विश्लेषण तकनीकों से परिचित कराता है।
  • Accounting Systems – अंतिम खंड में वैट, जीएसटी और टीडीएस जैसी लेखा प्रणालियों को विस्तार से शामिल किया गया है, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि भारतीय लेखा मानकों का उपयोग करके भारत में उनकी गणना कैसे की जाती है।

Tally का उपयोग कहा होता है

  • Tally का इस्तेमाल Restaurant का Account Maintain रखने के लिए किया जाता है।
  • इसका इस्तेमाल Business को Maintain और सभी Multinational Company के Data को एक जगह रखने के लिए किया जाता है।
  • GST Return में भी Tally का इस्तेमाल किया जाता है।
  • छोटे व्यापारी भी अपने लेन देन का Recode रखने के लिए Tally का इस्तेमाल करते है।
  • छोटे बड़े Institute में बच्चों को Accounting Related चीज़ों को सीखने में भी Tally का इस्तेमाल किया जाता है।
  • Tally का इस्तेमाल दुकानों में भी किया जाता है।
  • इसका इस्तेमाल Super Markets में भी किया जाता है Receipt बनाने के लिए।
  • Tally का इस्तेमाल Payment Entry करने के लिए भी किया जाता है।
  • Tally को उपयोग Startups में भी अपने Account को Maintain करने के लिए किया जाता है।

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